
श्रमिक मंत्र,देहरादून। चकराता छावनी क्षेत्र में व्यायामशाला के नए शिलापट्ट को लेकर पूर्व सभासदों में नाराजगी है। पूर्व सभासदों का कहना है कि व्यायामशाला का निर्माण तत्कालीन विधायक प्रीतम सिंह की विधायक निधि से सभी सभासदों के सहयोग से कराया गया था। उस समय लगाए गए शिलापट्ट पर छह सभासदों के नाम भी अंकित थे, जिनमें कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों से जुड़े जनप्रतिनिधि शामिल थे। अब नए शिलापट्ट में विधायक निधि और पूर्व जनप्रतिनिधियों के योगदान का उल्लेख हटाए जाने पर उन्होंने सवाल उठाए हैं।
पूर्व सभासद कमल किशोर रावत ने कहा कि उन्हें डॉ. सरदार सिंह चौहान के नाम पर कोई आपत्ति नहीं है और सभी कांग्रेसजन उनका सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि जिस विकास कार्य में तत्कालीन विधायक और सभी सभासदों का योगदान रहा है, उसमें विधायक निधि का उल्लेख भी होना चाहिए। विकास कार्यों को राजनीतिक नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए।
पूर्व सभासद ममता चांदना ने कहा कि व्यायामशाला के निर्माण में उनके प्रयासों के साथ विधायक निधि का भी योगदान रहा है। ऐसे में शिलापट्ट में बार-बार बदलाव करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि डॉ. सरदार सिंह चौहान के नाम का विरोध नहीं है, लेकिन पूर्व जनप्रतिनिधियों और निर्माण में हुए योगदान की जानकारी भी शिलापट्ट पर दर्ज होनी चाहिए।
पूर्व सभासद राजेश तोमर और नैन सिंह राणा ने भी कहा कि पूर्व में जिन सभासदों और विधायक का नाम शिलापट्ट पर अंकित था, उन्हें दोबारा दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी विकास कार्य के इतिहास और उसमें योगदान देने वाले लोगों की जानकारी को संरक्षित रखना जरूरी है।
पूर्व उपाध्यक्ष चकराता छावनी चंदन रावत ने कहा कि व्यायामशाला शुरू होने के समय इसे छात्रों के लिए निशुल्क रखा गया था, ताकि क्षेत्र के युवा नशे से दूर रहकर खेलकूद और व्यायाम की ओर प्रेरित हों। उन्होंने कहा कि अब छावनी परिषद की ओर से नए नियम लागू कर व्यायामशाला के लिए शुल्क निर्धारित किया गया है, जो छात्रों के लिए अधिक है।
पूर्व सभासद आनंद राणा ने कहा कि व्यायामशाला का नवीनीकरण कर इसे नया स्वरूप देना सराहनीय कार्य है। उन्होंने कहा कि व्यायामशाला को बेहतर बनाने के लिए अच्छा काम किया गया है, लेकिन इसके निर्माण में जिन जनप्रतिनिधियों और लोगों ने योगदान दिया, उनके नाम और योगदान को भी नहीं भुलाया जाना चाहिए।
वहीं, छावनी सभासद अनिल चांदना ने बताया कि व्यायामशाला को आधुनिक रूप देने के लिए नई मशीनें लगाई गई हैं। उन्होंने कहा कि इसका नाम डॉ. सरदार सिंह चौहान के नाम पर इसलिए रखा गया है, क्योंकि उन्होंने करीब 80 वर्ष की उम्र तक खुद को फिट रखा और लोगों को भी खेलकूद एवं स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित किया। उन्होंने चकराता छावनी में चिकित्सक के रूप में लंबे समय तक सेवाएं भी दीं।
