भाजपा, 650वें रविदास जयंती से 6 माह देशव्यापी “समरसता संकल्प अभियान” चलाएगी!
श्री गुरु पूर्णिमा पर सभी मंदिरों में दीप महोत्सव से फैलाएंगे समरसता का संदेश : दीप्ति रावत
“कलश वंदन अभियान” से रविदास जन्मस्थली वाराणसी की पवित्र मिट्टी भरे कलश प्रदेश के सभी जिला और मंडल, गांव स्तर तक पहुँचेंगे।
श्रमिक मंत्र देहरादून। भाजपा संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज के 650वें जयंती वर्ष पर देशव्यापी “समरसता संकल्प अभियान” चलाने जा रही है। रविदास जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में 29 जुलाई श्री गुरु पूर्णिमा की संध्या पर देशभर के सभी मंदिरों में “समरसता दीप महोत्सव” के प्रारंभ यह अभियान 6 माह तक संचालित किया जाएगा। जिसके तहत “कलश वंदन अभियान” के माध्यम से जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर वाराणसी की पवित्र मिट्टी से भरे कलश प्रदेश के सभी जिला और मंडल, गांव स्तर तक पहुँचेंगे। ये अभियान सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और विकसित भारत के निर्माण का व्यापक जन आंदोलन बनेगा।
भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत ने कहा कि में संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज के 650वें जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में पार्टी द्वारा देशव्यापी “समरसता संकल्प अभियान” चलाया जा रहा है। कहा कि यह अभियान 29 जुलाई 2026 से प्रारंभ होकर 20 फरवरी 2027 तक प्रदेश के जिला, मंडल एवं ग्राम स्तर पर व्यापक जनभागीदारी के साथ संचालित किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य संत गुरु रविदास महाराज के समता, सामाजिक न्याय, मानवता, सेवा, सद्भाव और सामाजिक समरसता के दिव्य संदेश को जन-जन तक पहुंचाना तथा विकसित भारत के निर्माण में समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज केवल किसी एक समाज के संत नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के महान पथप्रदर्शक, भक्ति आंदोलन के महान संत, श्रेष्ठ समाज सुधारक और महान आध्यात्मिक चिंतक हैं, जिन्हें उनके समय के अनेक संतों तथा बाद की पीढ़ियों के संतों ने भी अत्यंत सम्मान दिया। उन्होंने समाज के करोड़ों वंचित एवं उपेक्षित लोगों को सम्मान, आत्मविश्वास और जीवन का उद्देश्य प्रदान किया तथा समाज में सुधार, समरसता और मेलमिलाप का मार्ग दिखाया। यही कारण है कि देशभर में करोड़ों लोग जाति और धर्म की सीमाओं से ऊपर उठकर उन्हें सम्मान और श्रद्धा के साथ स्मरण करते हैं। ऐसे समय में जब समाज जातिगत भेदभाव और सामाजिक विषमताओं, धर्मांतरण, मुगलिया अत्याचार से जूझ रहा था, उन्होंने सामाजिक समरसता, समानता और आत्मसम्मान का संदेश देकर करोड़ों लोगों के जीवन में नई चेतना का संचार किया।
अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर 29 जुलाई को संध्या के समय देशभर के सभी मंदिरों में “श्री गुरु रविदास महाराज समरसता दीप महोत्सव” के अंतर्गत 51,000 स्थानों पर अधिक से अधिक संख्या में दीप प्रज्वलित किए जाएँगे। इसी क्रम में प्रदेश में भी संत रविदास मंदिरों में दीप प्रज्वलित किए जाएँगे। दीप महोत्सव से पूर्व भजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा धार्मिक प्रवचनों का आयोजन होगा और उसके उपरांत प्रसाद वितरण अथवा भंडारे की समुचित व्यवस्था की जाएगी। दीप महोत्सव में मंदिर के आसपास के सभी समाज के वर्गों के लोगों तथा पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
इस अभियान का एक अत्यंत महत्वपूर्ण चरण “श्री गुरु रविदास महाराज समरसता यात्रा” होगा, जो 5 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक आयोजित की जाएगी। संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज की प्रतिमा से सुसज्जित रथ के साथ यह यात्रा डेरा सचखंड बल्लां (जालंधर) से प्रारंभ होकर जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर (वाराणसी) तक पहुँचेगी। यह यात्रा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली सहित विभिन्न प्रदेशों से होकर गुजरेगी तथा जिन प्रदेशों से मुख्य यात्रा का मार्ग निर्धारित होगा, वहाँ से यात्रा निकालकर मुख्य यात्रा में सम्मिलित की जाएँगी।
आगे बताया कि अभियान के प्रभावी संचालन के लिए प्रदेश टोली, जिला टोली, मंडल टोली, तथा आयोजन टोलियों का गठन किया जा रहा है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज के 650वें जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित यह राष्ट्रव्यापी अभियान समाज में समरसता, सद्भाव, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय एकता की भावना को और अधिक सुदृढ़ करेगा तथा संत गुरु रविदास महाराज के अमर संदेश को जन-जन तक पहुँचाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाएगा।
