छापे में काला धन मिलना बताता है, कांग्रेस का हाथ हमेशा भ्रष्टाचारियों के साथ: चमोली
इस्तीफे की पेशकश, हरदा का सहानुभूति और दबाव बनाने का राजनैतिक ड्रामा : चमोली
राजनैतिक लाभ की मंशा वाले ही कार्रवाई की टाइमिंग पर सवाल उठाते हैं: चमोली
चुनाव हो न हो, भ्रष्टाचार पर कार्रवाई नहीं रुकनी चाहिए: भाजपा
वहीं पलटवार कर कहा कि कार्रवाई की टाइमिंग पर सवाल उठाना ही, असली राजनीतिक लाभ लेने की मंशा है। क्योंकि समय कोई भी हो भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई रुकनी नहीं चाहिए, जैसा धामी सरकार में हो रहा है और सैकड़ों नकल माफिया सलाखों के पीछे है।
उन्होंने कांग्रेस पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए हुए कहा है कि “कांग्रेस का हाथ हमेशा भ्रष्टाचारियों के साथ” रहा है जो ईडी के छापे में पुनः स्पष्ट हुआ है। कहा, यूकेएसएसएससी भर्ती घोटाले में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के घोटालों की निष्पक्ष जांच आगे बढ़ रही है, अब इस भ्रष्टाचार की गहरी परतें खुल रही हैं और इसके तार सीधे-सीधे पूर्व मुख्यमंत्री के निकट सहयोगियों और उनके आसपास तक पहुँच रहे हैं।
पिछले लंबे समय से अपनी ही पार्टी के छोटे-बड़े नेता उनकी अनदेखी कर रहे हैं। कांग्रेस संगठन के भीतर उन्हें पूरी तरह हाशिये पर धकेल दिया गया है। आलाकमान ने इतनी दूरी बनाई हैं कि वे लंबे समय से दिल्ली में अस्वस्थ हैं, लेकिन किसी भी शीर्ष नेता ने उनकी सुध तक नहीं ली। पार्टी के केंद्रीय और प्रांतीय कार्यक्रमों में भी उन्हें कोई तरजीह नहीं दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य में सीएम पुष्कर धामी के नेतृत्व वाली जीरो टॉलरेंस की भाजपा सरकार है। जिसमें कठोरतम नकल विरोधी कानून के संरक्षण में पारदर्शिता और ईमानदारी से अब तक 34 हजार से अधिक नियुक्तियां दी जा चुकी है। सैकड़ों बड़े बड़े मगरमच्छ और छोटी बड़ी सभी मछलियां अब जेल की सलाखों के पीछे हैं। जो भी गड़बड़ी, नकल और भ्रष्टाचार के मामले संज्ञान में आए तत्काल कड़ी कार्रवाई की गई। आज देश के अन्य राज्य, प्रदेश के नकल कानून और भर्ती प्रक्रिया का अनुसरण कर रहे हैं।
वहीं कटाक्ष किया कि अब जब कानून का शिकंजा कस रहा है, तो कांग्रेस नेता इस तरह के ड्रामे रचकर जनता का ध्यान भटकाने की असफल कोशिश कर रहे हैं। उत्तराखंड की जागरूक जनता कांग्रेस के इस दोहरे चरित्र और भ्रष्टाचार को भली-भांति समझ चुकी है। क्योंकि कांग्रेस सरकारों ने नियुक्ति प्रक्रिया में पर्ची खर्ची की को राज्य में आम बना दिया था। दरोगा भर्ती घोटाला, पटवारी घोटाला, सिडकुल, आयुर्वेदिक, बीडीओ, पशुपालन जैसे अनगिनत भर्ती घोटाले कांग्रेस की हकीकत है।
उन्होंने पलटवार किया कि आज जो कार्रवाई की टाइमिंग पर उंगली उठाते हैं, कहीं न कहीं वे मान रहे हैं कि गड़बड़ी की गई थी। लिहाजा अगर युवाओं के भविष्य के साथ धोखा किया गया है तो कठोर ऐक्शन लिया ही जाना चाहिए चाहे समय कोई भी चल रहे हो। क्योंकि चुनाव समीप हो और उसे देखते हुए जांच नहीं की जाए, यही सोच और मांग ही असली राजनीतिक लाभ लेने की मंशा है।
