भाजपा ने डोभाल पर राहुल की अपमानजनक टिप्पणी पर प्रदेश कांग्रेस नेताओं को रुख स्पष्ट करने की दी चुनौती!
डोभाल के अपमान पर हरदा, गोदियाल की उत्तराखंडियत कहां हवा हुई : दीप्ति रावत
भाजपा राहुल, कॉन्ग्रेस द्वारा बार बार देवभूमि के अपमान का मुद्दा जनता के बीच ले जाएगी: दीप्ति रावत
देवभूमि के अपमान को चुनावी मुद्दा बनाएगी भाजपा, कांग्रेसियों का असली चेहरा लाएगी सामने : दीप्ति रावत
2014 से बारम्बार, उत्तराखंडी जनता द्वारा नकारे जाने से खीजकर राहुल कर रहे हैं देवभूमि का अपमान !
भाजपा ने कांग्रेस के प्रदेश नेताओं को चुनौती दी है कि स्पष्ट करें, वे एनएसए डोभाल पर राहुल की अपमानजनक टिप्पणी से सहमत हैं या नहीं? प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत ने हैरानी जताई कि इस मुद्दे पर हरीश रावत, गोदियाल, प्रीतम, यशपाल समेत तमाम वरिष्ठ कांग्रेसियों की उत्तराखंडियत कहां गायब हो जाती है। वहीं स्पष्ट किया कि पार्टी देवभूमि के स्वाभिमान से जुड़े इस मुद्दे को जनता के बीच चुनावों में भी लेकर जाएगी और बार अपमान कर वॉकओवर लेने वाले कांग्रेसियों का असली चेहरा जनता को दिखाएगी।
पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए दीप्ति रावत ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री अजीत डोभाल विगत 12 वर्षों से देश को सुरक्षित रखने के लिए 80 वर्ष की उम्र में भी परिश्रम की पराकाष्ठा कर रहे हैं। कहा, जो राहुल गांधी उनको लेकर आपत्तिजनक एवं अपमानजनक टिप्पणी कर रहे हैं, वे तब पैदा भी नहीं हुए थे, जब डोभाल जी ने आईपीएस अधिकारी बन, रॉ और आईबी जैसे खतरनाक मिशन को स्वीकार किया। राहुल जब स्कूलिंग कर रहे होंगे तब डोभाल जी पाक, बांग्लादेश आदि देशों में जान की बाजी लगा रहे थे, उन्होंने तो राहुल की दादी के प्रधानमंत्री काल में ऑपरेशन ब्लूस्टार में स्वर्ण मंदिर को आतंकवादियों के कब्जे से मुक्त कराने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। लेकिन अफसोस देश के लिए अपना जीवन खफ़ाने वाले जाबांज शीर्ष अधिकारी को लेकर कांग्रेस के युवराज इतनी घृणित सोच रखते हैं।
उन्होंने याद दिलाते हुए कहा कि कांग्रेस नेतृत्व, प्रदेश के स्वाभिमान और सम्मान को बढ़ाने वाले प्रमुख लोगों को टारगेट करती आई है। इससे पहले राहुल गांधी के बेहद खास नेता संदीप दीक्षित ने जनरल विपिन रावत को सड़क गुंडा कहा था, डोभाल जी के परिवार तक इन्होंने राजनीति में घसीटा, सर्जिकल स्ट्राइक पर सबूत मांगे, ऑपरेशन सिंदूर का मजाक उड़ाया।
वहीं कांग्रेस पर सीधा हमला करते हुए कहा कि लगातार 2014 से कांग्रेस पार्टी को उत्तराखंड की जनता नकारती आ रही है। लगता है, उसी से खीजकर कांग्रेसी युवराज देवभूमि के रत्नों और गौरवशाली सपूतों का अपमान कर रही है।
उन्होंने प्रदेश कांग्रेस कांग्रेस नेताओं की चुप्पी को कायराना और राजनैतिक महत्वाकांक्षा के लिए अपने दिल्ली दरबार के आगे घुटने टेकने वाला बताया। उन्होंने हरीश रावत, गणेश गोदियाल, प्रीतम सिंह, हरक सिंह रावत आदि तमाम कांग्रेस नेताओं को डोभाल जी के अपमान पर अपनी अपनी स्थिति स्पष्ट करने की चुनौती दी। कहा, ये सभी नेता बताए, क्या वे राहुल गांधी के देवभूमि के लाल पर दिए अपमानजनक बयान से सहमत हैं? क्या उन्हें भी लगता है डोभाल जी उनके मोबाइल में बैठे हैं जासूसी कर रहे हैं? क्या इन्हें लगता है देश की सुरक्षा के लिए जुड़ी महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी डोभाल जी को नहीं जुटानी चाहिए? क्या उन्हें नहीं लगा, डोभाल जी ही नहीं देवभूमि के स्वाभिमान का अपमान हुआ? क्या कांग्रेस नेताओं को नहीं लगता कि युवाओं को राहुल ने देश की सुरक्षा की सबसे अहम कड़ी के खिलाफ भड़काने का पाप किया है?
वहीं उन्होंने कटाक्ष किया कि प्रदेश कांग्रेस नेताओं से ज़बाब आने या देवभूमि के लाल के अपमान पर शर्मिंदगी जाहिर करने की उम्मीद करना हालांकि बेमानी है। लेकिन भाजपा राज्य के गौरव और स्वाभिमान से जुड़े इस मुद्दे को जनता के बीच नीचे तक लेकर जाएगी और राहुल गांधी समेत सभी प्रदेश कांग्रेस नेताओं की इसपर पोल खोलेगी। इस सबको लेकर जनता में जबरदस्त आक्रोश है, लिहाजा कांग्रेस की देवभूमि और सेना के अपमान पर अब किसी तरह की छूट नहीं दी जाएगी। आने वाले चुनावों में भी पार्टी इसे महत्वपूर्ण मुद्दा बनाएगी और कांग्रेस के राज्य और देश विरोधी चेहरे को उजागर करेगी।
