देहरादून के विकासनगर सड़क दुर्घटना में स्कूली बच्चे की मौत, स्कूली वाहनों पर परिवहन विभाग की टूटी नींद

 

देहरादून के विकासनगर सड़क दुर्घटना में स्कूली बच्चे की मौत, स्कूली वाहनों पर परिवहन विभाग की टूटी नींदश्रमिक मंत्र, देहरादून।  गाजियाबाद व देहरादून के विकासनगर में सड़क दुर्घटना में स्कूली बच्चों की मौत के बाद स्कूली वाहनों पर परिवहन विभाग की नींद टूटती दिख रही है। विभाग ने हाईकोर्ट के आदेश पर स्कूली बच्चों की सुविधा एवं सुरक्षा के मद्देनजर परिवहन सेवा दिलाने को स्कूलों में अनुबंध पर लगने वाली बसों का टैक्स आधा करने की तैयारी की है। अभी तक टैक्स में केवल स्कूलों की अपनी बसों और वैन को ही छूट मिलती है। हाईकोर्ट ने जुलाई-2018 में यह आदेश दिया था कि स्कूली बच्चों की परिवहन सेवा में आटो व विक्रम का प्रयोग नहीं होना चाहिए। चूंकि, टैक्स व जिम्मेदारी से बचने के लिए स्कूल प्रबंधन बसें चलाना नहीं चाहते। इस वजह से विभाग अनुबंधित बसों को बतौर स्कूली वाहन संचालन के लिए टैक्स में राहत देने की तैयारी कर रहा। परिवहन दफ्तरों में पंजीकृत होने वाली स्कूल बस का टैक्स निजी बसों की अपेक्षा कम होता है। टैक्स व्यवस्था के हिसाब से स्कूल बस से तीन महीने के लिए 90 रुपये प्रति सीट के हिसाब से टैक्स वसूला जाता है, जबकि निजी बसों से 300 रुपये टैक्स लिया जाता है। श्रमिक मंत्र संवाददाता की ये खास रिपोर्ट।