चंपावत विधानसभा सीट से कैलाश गहतोड़ी के इस्तीफे के बाद अब सबकी निगाहें टिकी चुनावी जंग पर

 

चंपावत विधानसभा सीट से कैलाश गहतोड़ी के इस्तीफे के बाद अब सबकी निगाहें टिकी चुनावी जंग परश्रमिक मंत्र, देहरादून। चंपावत विधानसभा सीट से कैलाश गहतोड़ी के इस्तीफे के साथ ही सबकी निगाहें अब आगामी दिनों में होनी वाली चुनावी जंग पर लगी है। साफ है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस सीट पर चुनाव लड़ेंगे। यह भी सच है कि राज्य में मुख्यमंत्रियों के उपचुनावों का इतिहास जीत का रहा है, लेकिन विधानसभा चुनाव में पराजय के घाव सहला रही कांग्रेस उपचुनाव की जंग पूरी शिद्दत के साथ लड़ना चाहती है।पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा कहते हैं, हम चुनाव जीतने के लिए लड़ेंगे और पूरी ताकत के साथ लड़ेंगे। चंपावत का समर मुख्यमंत्री धामी के लिए ही अग्नि परीक्षा से गुजरना नहीं होगा बल्कि इस इम्तिहान से कांग्रेस के तीन क्षत्रप भी गुजरेंगे, जिनका राजनीतिक ठिकाना संयोग से कुमाऊं मंडल ही है।पार्टी के नए कप्तान करण माहरा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी पर उप चुनाव में ज्यादा दबाव रहेगा। हालांकि अभी उपचुनाव का विधिवत एलान होना है और अभी यह भी तय नहीं है कि कांग्रेस किस चेहरे पर दांव लगाएगी? लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री की टक्कर में कांग्रेस के पास हिमेश खर्कवाल ही मजबूत विकल्प हो सकते हैं। श्रमिक मंत्र संवाददाता की ये खास रिपोर्ट।