ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान को रानीपोखरी मौजा में आयोजित हुई ‘रात्रि चौपाल’
एडीएम के.के. मिश्रा ने ग्रामीणों से किया सीधा संवाद, 18 शिकायतें प्राप्त; अधिकांश का मौके पर निस्तारण
सड़क, बिजली, पेयजल, भूमि विवाद एवं सोलर सब्सिडी से जुड़ी समस्याओं पर संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश

अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा ने कहा कि रात्रि चौपाल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की छोटी-बड़ी समस्याओं को गांव में ही चिन्हित कर उनका त्वरित प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। इस पहल से ग्रामीणों को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर मिल रहा है। साथ ही, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर समस्याओं के निस्तारण में तेजी लाई जा रही है।

रात्रि चौपाल में ग्रामीणों द्वारा उठाई गई व्यक्तिगत समस्याओं के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
भूमि संबंधी शिकायत: स्थानीय निवासी रतन सिंह बागंबरदत्त द्वारा भूमि संबंधी समस्या उठाए जाने पर उप जिलाधिकारी ऋषिकेश को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। विद्युत कनेक्शन: जौलीग्रांट निवासी पुष्पा कुमाई द्वारा बिजली का कनेक्शन लगवाने संबंधी शिकायत पर विद्युत विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सोलर सब्सिडी: संतराम रियल द्वारा सोलर सब्सिडी प्राप्त न होने की शिकायत पर संबंधित विभाग को मामले का परीक्षण कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
चौपाल के दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए योजनाओं से प्राप्त लाभ की जानकारी दी। प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से फीडबैक प्राप्त कर योजनाओं की पहुंच, प्रभावशीलता तथा पात्र लाभार्थियों तक उनकी पहुंच की स्थिति का आकलन किया।
इस दौरान अधिकारियों ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि पात्र व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ उनकी समस्याओं और सुझावों को भी सुना गया।कृषकों को निशुल्क बीज वितरित, कृषि एवं बागवानी को बढ़ावा देने पर जोर
ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि एवं बागवानी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उद्यान विभाग द्वारा चौपाल में उपस्थित कृषकों को निशुल्क बीज वितरित किए गए। इसके माध्यम से किसानों को स्थानीय स्तर पर कृषि एवं बागवानी गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा आजीविका के अतिरिक्त अवसर विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
चौपाल में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कृषि, बागवानी, पशुपालन, ग्रामीण पर्यटन, होमस्टे तथा स्वरोजगार की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और ग्रामीणों की भागीदारी से रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया।
स्वच्छता एवं कूड़ा प्रबंधन के प्रति ग्रामीणों को किया जागरूक
रात्रि चौपाल में स्वच्छता एवं कूड़ा प्रबंधन से संबंधित विषयों पर भी ग्रामीणों को जानकारी दी गई। ग्रामीणों को अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, कूड़े का उचित प्रबंधन करने तथा सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से स्वच्छ वातावरण विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जनभागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए ग्रामीणों से स्वच्छता संबंधी गतिविधियों में सक्रिय सहयोग की अपील की।
शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और ग्रामीण विकास के मुद्दों पर भी संवाद
जिला प्रशासन की इस पहल के अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, कृषि, बागवानी, पशुपालन, रोजगार, पलायन, ग्रामीण पर्यटन एवं स्वरोजगार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर ग्रामीणों से खुला संवाद स्थापित किया जा रहा है। इसके साथ ही ग्राम प्रधानों, शिक्षकों, आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों तथा स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों से स्थानीय समस्याओं और विकास की आवश्यकताओं के संबंध में फीडबैक प्राप्त करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
शासन और जनता के बीच विश्वास मजबूत करने की पहल

