अभियान के अंतर्गत जनपद देहरादून के विभिन्न प्रमुख स्थलों पर दोपहिया एवं चार पहिया वाहनों की सघन जांच की गई। प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र (PUC) की जांच करते हुए वाहन चालकों को स्वच्छ पर्यावरण, प्रदूषण नियंत्रण एवं ईंधन संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। जिन वाहनों के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं पाया गया, उन्हें नियमानुसार नोटिस जारी करते हुए शीघ्र प्रदूषण जांच कराने हेतु निर्देशित किया गया।
इसके अतिरिक्त परिवहन विभाग की टीमों द्वारा जनपद के विभिन्न प्रदूषण जांच केन्द्रों (Pollution Testing Centres) का निरीक्षण भी किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रदूषण जांच उपकरणों की कार्यप्रणाली, अभिलेखों के संधारण, प्रमाण-पत्र निर्गमन प्रक्रिया एवं निर्धारित मानकों के अनुपालन की जांच की गई। केन्द्र संचालकों को निर्देशित किया गया कि प्रदूषण परीक्षण कार्य पूर्ण पारदर्शिता एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित किया जाए।
अभियान के दौरान वाहन चालकों को नियमित वाहन सर्विसिंग, उचित टायर प्रेशर बनाए रखने, अनावश्यक रूप से इंजन चालू न रखने तथा ईंधन संरक्षण के उपायों के संबंध में भी जागरूक किया गया। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि वाहनों का नियमित रखरखाव न केवल प्रदूषण को कम करता है बल्कि ईंधन की बचत एवं वाहन की कार्यक्षमता में भी वृद्धि करता है।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर डाॅ. अनीता चमोला द्वारा पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “स्वच्छ पर्यावरण और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था एक-दूसरे के पूरक हैं। वाहनों का नियमित प्रदूषण परीक्षण, सड़क सुरक्षा नियमों का पालन तथा ईंधन संरक्षण की आदतें न केवल पर्यावरण की रक्षा करती हैं, बल्कि समाज को सुरक्षित एवं स्वस्थ बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
इस अवसर पर अपर परिवहन आयुक्त, उत्तराखण्ड सनत कुमार सिंह ने अपने संदेश में कहा कि “पर्यावरण संरक्षण एक सामूहिक दायित्व है, जिसमें सरकार, संस्थाओं और प्रत्येक नागरिक की समान एवं महत्वपूर्ण भूमिका है। बढ़ते वायु प्रदूषण एवं जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच स्वच्छ एवं हरित परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से अधिकाधिक वृक्षारोपण करने, सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देने तथा अपने वाहनों को निर्धारित प्रदूषण मानकों के अनुरूप बनाए रखने की अपील की।
परिवहन विभाग द्वारा बताया गया कि सड़क सुरक्षा, प्रदूषण नियंत्रण, ईंधन संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से इस प्रकार के विशेष अभियान भविष्य में भी नियमित रूप से संचालित किए जाते रहेंगे।
