पीएनबी ने किया राजभाषा समारोह सह कवि सम्मेलन का आयोजन , विभागों तथा अंचल कार्यालयों को लाला लाजपतराय राजभाषा शील्ड योजना के अंतर्गत पुरस्कृत किया

पीएनबी ने किया राजभाषा समारोह सह कवि सम्मेलन का आयोजन , विभागों तथा अंचल कार्यालयों को लाला लाजपतराय राजभाषा शील्ड योजना के अंतर्गत पुरस्कृत किया

श्रमिक मंत्र,देहरादून।  देश के दूसरे सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, पंजाब नेशनल बैंक के प्रधान कार्यालय में हिंदी माह के उपलक्ष्य में राजभाषा समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता अशोक चंद्र, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी,  अमित कुमार श्रीवास्तव, कार्यपालक निदेशक,  राघवेन्द्र कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) एवं अन्य मुख्य महाप्रबंधकगण व विभिन्न अंचलों से पधारे पुरस्कार विजेता अंचल प्रबंधक भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ एमडी एवं सीईओ महोदय एवं शीर्ष कार्यपालकों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। माननीय प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं कार्यपालक निदेशक गणों द्वारा लाला लाजपत राय राजभाषा शील्ड प्रतियोगिताओं के विजेताओं को शील्ड प्रदान की गई। इस अवसर पर बैंक की गृह पत्रिका “पीएनबी प्रतिभा”, “राजभाषा चित्रकथा” और “डिजिटल लाइब्रेरी” का लोकार्पण किया गया। प्रख्यात कवि डॉ. प्रवीण शुक्ल और कवयित्री  पद्मिनी शर्मा ने अपनी काव्य और ऊर्जावान प्रस्तुति से राजभाषा समारोह की काव्य संध्या में चार-चांद लगाए।

बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी महोदय ने सर्वप्रथम छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में पंजाब नैशनल बैंक की गृह पत्रिका पीएनबी प्रतिभा और दिल्ली (बैंक) नराकास को 02 ‘राजभाषा कीर्ति’ प्रथम पुरस्‍कार’ प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए समस्त स्टाफ सदस्यों को हार्दिक बधाई दी तथा कहा कि पीएनबी राजभाषा कार्यान्वयन के क्षेत्र में पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है तथा बैंक द्वारा ग्राहकों को डिजिटल सुविधाएं हिंदी एवं क्षेत्रीय भाषाओं में दी जा रही हैं।

इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक (राजभाषा) विशेष कुमार श्रीवास्तव ने अपने स्वागत संबोधन से समारोह की शुरुआत की तथा  बैंक के कार्यपालक निदेशक महोदय  अमित कुमार श्रीवास्तव ने सभी स्टाफ सदस्यों को राजभाषा में कार्य करने हेतु प्रोत्साहित किया।

डॉ अनिल कुमार शर्मा, सहायक महाप्रबंधक-राजभाषा ने अपने संबोधन में राजभाषा के क्षेत्र में बैंक की उपलब्धियों पर विस्तारपूर्वक चर्चा करी।