40 देशों के प्रतिनिधियों के बीच डावर ने किया भारत का प्रतिनिधित्व

डावर ने अपने मुख्य संबोधन में तकनीकी नेतृत्व, सीमा-पार नवाचार और मजबूत वैश्विक प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती तकनीक दुनिया में विभिन्न देशों के बीच सहयोग, ज्ञान का आदान-प्रदान और नवाचार को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है।
उन्होंने भविष्य की तकनीकों को वैश्विक विकास और आर्थिक प्रगति से जोड़ने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।डावर ने कहा कि आईटीसी-2026 ने नवोन्मेष को, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों, उद्यमियों और दूरदर्शी विचारकों को एक साझा मंच उपलब्ध कराया। इस मंच पर डीपटेक और भविष्य की प्रौद्योगिकियों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने कहा कि ऐसे अंतर्राष्ट्रीय आयोजन विभिन्न देशों को अपनी तकनीकी क्षमता प्रदर्शित करने और संभावित साझेदारियों के नए अवसर तलाशने का अवसर देते हैं।

कांग्रेस में स्मार्ट कंट्रोल सिस्टम, क्रॉस-डोमेन मानव रहित प्रणालियां, साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कंप्यूटिंग और डेटा स्टोरेज, सर्विस रोबोट, औद्योगिक सॉफ्टवेयर, अंतरिक्ष अनुसंधान, दूरसंचार, उपग्रह एवं एयरोस्पेस इंजीनियरिंग सहित कई तकनीकी विषयों पर चर्चा की गई। रूसी और अंतरराष्ट्रीय डेवलपर्स तथा इंटीग्रेटर ने जटिल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और उद्योगों के लिए डिजिटल समाधान भी प्रस्तुत किए।
आयोजकों के अनुसार कांग्रेस में 40 से अधिक देशों के 800 से ज्यादा वक्ताओं ने अंतर्राष्ट्रीय सूचना सुरक्षा, तकनीकी मानकों, श्रम उत्पादकता, स्टार्टअप विकास और डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे। विभिन्न देशों के सरकारी निकायों, उद्यमों और उद्योग संघों से जुड़े पांच हजार से अधिक सी-लेवल प्रतिनिधियों को भी व्यावसायिक बैठकों और संवाद के लिए आमंत्रित किया गया।
डावर ने अंतर्राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी कांग्रेस में भारत का प्रतिनिधित्व करने को गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी, नवाचार और भविष्य को लेकर वैश्विक संवाद में भारत की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कांग्रेस के आयोजकों, साथी वक्ताओं, प्रतिनिधियों और वैश्विक प्रौद्योगिकी समुदाय का सार्थक बातचीत तथा विचारों के आदान-प्रदान के लिए आभार जताया।

कांग्रेस में ‘यूरेशिया का प्रौद्योगिकी भविष्य : वैश्विक बाजारों में स्वायत्त प्राणियों’ विषय पर पूर्ण सत्र भी आयोजित किया गया। इसके अलावा इच्छुक अंतर्राष्ट्रीय प्रतिभागियों के लिए रूसी कंपनियों के साथ बी2बी बैठकों की व्यवस्था की गई, जिसका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में संभावित तकनीकी और कारोबारी साझेदारियों को बढ़ावा देना रहा।
