किसान से ITBP तक एकीकृत स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को मिला एक वर्ष का विस्तार

किसान से ITBP तक एकीकृत स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को मिला एक वर्ष का विस्तार

स्थानीय किसानों को सुनिश्चित संस्थागत बाजार उपलब्ध कराने की उत्तराखंड सरकार की पहल को मिली निरंतरता

 

श्रमिक मंत्र, देहरादून। उत्तराखंड के स्थानीय किसानों एवं पशुपालकों को उनके उत्पादों के लिए सुनिश्चित एवं संस्थागत बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित “Farmer-to-ITBP Integrated Local Supply Chain Initiative” को एक और वर्ष के लिए विस्तार प्रदान किया गया है।

आज यमुना कॉलोनी स्थित कैंप कार्यालय, देहरादून में माननीय पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा की गरिमामयी उपस्थिति में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP) एवं पशुपालन, मत्स्य एवं दुग्ध विकास विभाग, उत्तराखंड शासन के मध्य आगामी एक वर्ष के लिए MoU का आदान-प्रदान किया गया।

MoU का सम्पादन बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, IAS, सचिव, पशुपालन, मत्स्य एवं दुग्ध विकास विभाग, उत्तराखंड शासन एवं ITBP की ओर से  मनु महाराज, IPS, महानिरीक्षक, मुख्यालय उत्तरी सीमांत, ITBP, गृह मंत्रालय के मध्य हुआ।

प्रमुख बिंदु और उपलब्धियां:

  • उद्देश्य: उत्तराखंड के स्थानीय किसानों एवं पशुपालकों को उनके उत्पादन के लिए स्थानीय स्तर पर ही एक सुनिश्चित संस्थागत बाजार उपलब्ध कराना तथा स्थानीय उत्पादों को सुरक्षा बलों की मांग से जोड़ना है।
  • आपूर्ति किए जाने वाले उत्पाद: पहल के अंतर्गत स्थानीय किसानों द्वारा उत्पादित जीवित भेड़-बकरी, ब्रॉयलर पोल्ट्री एवं ट्राउट मछली की आपूर्ति ITBP की 14 बटालियनों को की जा रही है।
  • अब तक की कुल आपूर्ति: ITBP को 3 लाख 56 हजार किलोग्राम जीवित भेड़-बकरी, 2 लाख 40 हजार किलोग्राम जीवित कुक्कुट पक्षी तथा 56 हजार किलोग्राम ट्राउट मछली की आपूर्ति की जा चुकी है।
  • लाभार्थी: इससे उत्तराखंड के 450 से अधिक किसान परिवारों तथा 42 प्राथमिक सहकारी समितियों एवं किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को संस्थागत बाजार से जोड़ा गया है।
  • ऑनलाइन भुगतान: किसानों को उनके द्वारा आपूर्ति किए गए उत्पाद का भुगतान पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने के लिए सीधे बैंक खातों में ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था की गई है। इस पहल के अंतर्गत अब तक किसानों को ₹17.02 करोड़ की राशि सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है:
    • वित्तीय वर्ष 2024–25: ₹1.66 करोड़
    • वित्तीय वर्ष 2025–26: ₹10.02 करोड़
    • वित्तीय वर्ष 2026–27 (अब तक): ₹5.34 करोड़
  • ₹5 करोड़ का रिवॉल्विंग फंड (Revolving Fund): संस्थागत खरीद में भुगतान प्रक्रिया के कारण किसानों को होने वाली सम्भावित देरी को दूर करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा ₹5 करोड़ का रिवॉल्विंग फंड स्थापित किया गया है। इससे किसानों को समय पर भुगतान उपलब्ध कराने तथा आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू बनाए रखने में सहायता मिल रही है।

अधिकारियों के वक्तव्य:

माननीय पशुपालन मंत्री  सौरभ बहुगुणा:

“उत्तराखंड सरकार की प्राथमिकता राज्य के किसानों एवं पशुपालकों को उनके उत्पादों के लिए सुनिश्चित बाजार उपलब्ध कराना और उनकी आय के स्थायी अवसरों को मजबूत करना है। ITBP के साथ विकसित यह मॉडल स्थानीय उत्पादन को संस्थागत मांग से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। इस व्यवस्था को आगे और व्यापक बनाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक स्थानीय किसान एवं किसान संगठन इससे लाभान्वित हो सकें।”

 बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम (IAS), सचिव, पशुपालन, मत्स्य एवं दुग्ध विकास विभाग:

“इस पहल के माध्यम से स्थानीय उत्पादन और संस्थागत मांग के बीच एक प्रभावी आपूर्ति श्रृंखला विकसित हुई है। किसानों को बाजार उपलब्ध होने के साथ-साथ सुरक्षा बलों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है। आगामी एक वर्ष में इस व्यवस्था को और सुदृढ़ करने तथा अधिक से अधिक किसानों एवं किसान संगठनों को इससे जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।”

भारतीय सेना एवं SSB तक विस्तार:

ITBP के साथ स्थापित इस आपूर्ति व्यवस्था के आधार पर भारतीय सेना एवं SSB की चयनित पोस्ट एवं प्रतिष्ठानों को भी प्राप्त मांग के आधार पर स्थानीय उत्पादों की आपूर्ति प्रारंभ की गई है। इससे स्थानीय किसानों के लिए संस्थागत बाजार का दायरा और व्यापक हुआ है।

MoU के आगामी एक वर्ष के विस्तार के साथ उत्तराखंड सरकार का उद्देश्य इस किसान-केंद्रित आपूर्ति श्रृंखला को और मजबूत करना, स्थानीय किसानों एवं पशुपालकों की भागीदारी बढ़ाना तथा सुरक्षा बलों की मांग के अनुरूप स्थानीय उत्पादों की आपूर्ति को विस्तार देना है। यह पहल स्थानीय उत्पादन को स्थानीय संस्थागत बाजार से जोड़ते हुए किसानों की आजीविका एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में उत्तराखंड सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम है।