
गोदियाल ने कहा कि जब से कोटद्वार की विधायक ऋतु खंडूरी बनी है, तब से यह मामला और अधिक विवादों तथा पेचीदगियों में उलझा। भाजपा सरकार की नीतिगत असमंजस और कमजोर पैरवी के कारण यह परियोजना लंबे समय तक अटकी रही।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से मिली स्वीकृति स्थानीय जनता के संघर्ष और डॉ. हरक सिंह रावत के सतत प्रयासों का परिणाम है। भाजपा आज राजनीतिक लाभ लेने के लिए श्रेय की राजनीति कर रही है, जबकि हकीकत यह है कि यदि समय रहते गंभीर पैरवी होती तो यह मार्ग वर्षों पहले बन चुका होता।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि विकास कार्यों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, लेकिन भाजपा का इतिहास रहा है कि वह तैयार योजनाओं पर फीता काटकर श्रेय लेने का प्रयास करती है।
कांग्रेस पार्टी स्पष्ट करती है कि लालढांग–चिल्लरखाल मार्ग जनता की मांग और संघर्ष का परिणाम है — न कि भाजपा सरकार की कोई नई उपलब्धि।
