सब रजिस्ट्रार कार्यालय विकासनगर में डीएम और चक्र निरीक्षण; पुराने विलेख पत्र रजिस्टर जब्त

सब रजिस्ट्रार कार्यालय विकासनगर में डीएम और चक्र निरीक्षण; पुराने विलेख पत्र रजिस्टर जब्त

औचक निरीक्षण के दौरान कार्यालय में मिले 2018, 2024, 2025  तक के मूल विलेख पत्र;  विक्रय हेतु  प्रतिबंधित भूमि की भी पाई रजिस्ट्री

47 ए  स्टांप चोरी के भी मिले मामले; सब रजिस्ट्रार कार्यालय में पाई गई अनियमितताओं पर जिला प्रशासन द्वारा शासन को प्रेषित की जाएगी विस्तृत रिपोर्ट

 पूर्ववर्ती  तैनात सब  रजिस्ट्रार के कार्यकाल के दौरान की भी सभी संदिग्ध गतिविधियों की होगी जांच

सब-रजिस्ट्रार कार्यालय विकासनगर में डीएम की  औचक निरीक्षण, गंभीर अनियमितताएं हुई उजागर ।


श्रमिक मंत्र, देहरादून।  जिलाधिकारी सविन बंसल ने आज सब-रजिस्ट्रार कार्यालय विकास नगर  में औचक निरीक्षण किया। डीएम की छापेमारी के दौरान गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं।जिलाधिकारी  द्वारा आज सब-रजिस्ट्रार कार्यालय, विकासनगर में औचक निरीक्षण/छापेमारी की गई। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिन पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
औचक निरीक्षण के दौरान वर्ष 2018, 2024 में 2025 तक के मूल विलेख पत्र (Original Deed Registry) कार्यालय में संदिग्ध स्थिति में पाए गए, जिन्हें तत्काल कब्जे में लेते हुए जब्त कर लिया गया।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि विक्रय हेतु प्रतिबंधित भूमि की रजिस्ट्री किए जाने के मामले भी पाए गए हैं, जो कि नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
इसके अतिरिक्त, जांच में धारा 47-ए के अंतर्गत स्टांप शुल्क की चोरी से संबंधित 47 प्रकरण भी चिन्हित किए गए हैं। यह वित्तीय अनियमितता का गंभीर मामला है, जिस पर नियमानुसार विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान कार्यालय संचालन में पारदर्शिता की कमी, अभिलेखों के रखरखाव में लापरवाही तथा प्रक्रियात्मक नियमों के उल्लंघन जैसी अन्य अनियमितताएं भी पाई गईं।
इन सभी बिंदुओं पर विस्तृत जांच करते हुए जिला प्रशासन द्वारा एक समग्र रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे शासन को प्रेषित किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वर्तमान एवं पूर्व में तैनात सभी सब-रजिस्ट्रार के कार्यकाल के दौरान हुई समस्त गतिविधियों की गहन जांच की जाए। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त विभागीय एवं विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिला प्रशासन ने दोहराया है कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार अथवा अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी मुख्यालय अपूर्वा सिंह, डीजीसी नितिन वशिष्ठ, तहसीलदार विकास नगर विवेक राजौरी सहित अन्य संबंधित अधिकारी कार्मिक उपस्थित रहे।