हल्द्वानी रामलीला मैदान के कथित शुद्धिकरण पर कांग्रेस का विरोध, मुकदमा दर्ज करने की मांग

हल्द्वानी रामलीला मैदान के कथित शुद्धिकरण पर कांग्रेस का विरोध, मुकदमा दर्ज करने की मांग


श्रमिक मंत्र देहरादून।  हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद कथित तौर पर यज्ञ और गंगाजल छिड़ककर शुद्धिकरण किए जाने का मामला लगातार चर्चा में है। अब इस मामले को लेकर चकराता कांग्रेस ने भी विरोध दर्ज कराया है।

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी चकराता के अध्यक्ष अमर चौहान ने कोतवाली चकराता प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर मामले में मुकदमा दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

अमर चौहान ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के दो दिन बाद कुछ लोगों ने वहां यज्ञ किया और गंगाजल का छिड़काव कर कथित रूप से शुद्धिकरण किया। कांग्रेस का कहना है कि इस कार्रवाई से अनुसूचित जाति समाज और सामाजिक समानता व संवैधानिक मूल्यों में विश्वास रखने वाले लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।

ज्ञापन में कहा गया कि सार्वजनिक स्थल पर इस तरह की कार्रवाई से समाज में जातिगत भेदभाव और अस्पृश्यता को बढ़ावा देने का संदेश जाता है। कांग्रेस ने इसे संविधान की समानता और अस्पृश्यता उन्मूलन की भावना के विपरीत बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

अमर चौहान ने आरोप लगाया कि कथित शुद्धिकरण की पूरी कार्रवाई का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। कांग्रेस के अनुसार, इससे मामला व्यापक रूप से लोगों तक पहुंचा और अनुसूचित जाति एवं जनजाति समाज के लोगों में आक्रोश पैदा हुआ।

उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां सामाजिक सौहार्द, भाईचारे और सामाजिक एकता के लिए उचित नहीं हैं।

ज्ञापन में कांग्रेस ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा 13 अगस्त को इस मुद्दे को सदन में उठाए जाने का भी उल्लेख किया है। कांग्रेस ने मामले को जातिगत भेदभाव और अस्पृश्यता की मानसिकता से जोड़ते हुए भाजपा नेताओं की ओर से दिए गए बयानों पर भी सवाल उठाए हैं।

ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की गहन एवं निष्पक्ष जांच कर आरोपित व्यक्तियों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम-1989, राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम-1971 और बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की मांग की गई।

अमर चौहान ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में संविधान की मूल भावना, सामाजिक समानता और प्रत्येक नागरिक की गरिमा का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की।

ज्ञापन सौंपने वालों में अमर सिंह चौहान, आबोद वर्मा, कमल रावत, बारु दत्त जोशी, सूरत राम जोशी, अनुभव अरोड़ा, दिनेश चांदना, चंदन रावत, श्यामू लाल, नैन सिंह राणा सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।