राष्ट्र प्रथम के विचार को भी जन जन तक पहुंचाना ही भाजपा का विचार : चौहान
सही जानकारी सही समय पर व्यवस्थित रूप से आम जन तक पहुंचाना जरूरी ही मीडिया प्रबंधन : चौहान


हम ऐसे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा करने के लिए एकत्र हुए हैं, जो वर्तमान समय में संगठन की शक्ति, जनसंपर्क और जनविश्वास का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि विचार जब शब्द बनते हैं, शब्द जब संवाद बनते हैं और संवाद जब जन-जन तक पहुंचता है, तभी संगठन जन आंदोलन बनता है।
उन्होंने कहा कि आज का युग तलवार का नहीं, विचार और सूचना की शक्ति का युग है। जो समाज तक सही बात समय पर पहुँचाता है, वही जनविश्वास अर्जित करता है। आज का समय सूचना क्रांति का समय है। पहले समाचार अगले दिन अखबारों में आते थे, आज कुछ सेकंड में पूरे देश और दुनिया तक पहुँच जाते हैं। मोबाइल फोन ने हर व्यक्ति को मीडिया का माध्यम बना दिया है। इसलिए आज प्रत्येक कार्यकर्ता केवल कार्यकर्ता नहीं, बल्कि संगठन का संवाद दूत भी है।
उन्होंने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि हम ऐसे संगठन से जुड़े हैं जिसकी विचारधारा राष्ट्रहित, सेवा और अंत्योदय पर आधारित है। प. दीनदयाल उपाध्याय जी ने “एकात्म मानववाद” और “अंत्योदय” का जो विचार दिया, उसका मूल उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और संवेदना पहुँचाना था। आज मीडिया प्रबंधन का उद्देश्य भी यही होना चाहिए कि सरकार और संगठन की जनकल्याणकारी योजनाएँ सही रूप में अंतिम व्यक्ति तक पहुँचें।

मीडिया प्रबंधन का अर्थ केवल समाचार प्रकाशित करवाना नहीं है।
मीडिया प्रबंधन का अर्थ सही समय पर सही सूचना देना, सकारात्मक संवाद स्थापित करना,संगठन की विचारधारा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना तथा जनता के विश्वास को मजबूत करना है।
सोशल मीडिया के दौर मे फेसबुक, व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम, एक्स और यूट्यूब जैसे माध्यमों ने संवाद की शक्ति को कई गुना बढ़ा दिया है। लेकिन जितनी बड़ी शक्ति है, उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी भी है। एक गलत सूचना समाज में भ्रम फैला सकती है। एक असंयमित भाषा संगठन की छवि को नुकसान पहुँचा सकती है।

भारतीय जनता पार्टी की सबसे बड़ी ताकत उसका समर्पित कार्यकर्ता है।
जब कार्यकर्ता विकास कार्यों, जनकल्याण योजनाओं और समाज सेवा के कार्यों को जनता तक पहुँचाता है, तब संगठन और जनता के बीच विश्वास और मजबूत होता है। हमें केवल प्रतिक्रिया की राजनीति नहीं करनी है। हमें सकारात्मक राजनीति का संदेश देना है। गाँव में सड़क, गरीब को घर, किसान को सहायता, युवाओं को अवसर तथा उन उपलब्धियों को जनता तक पहुँचाना भी हमारा दायित्व है।
संकट के समय मीडिया प्रबंधन की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। अफवाहों के दौर में सत्य और संयम सबसे बड़ी शक्ति बनते हैं।
