सरकार से बातचीत के आधार पर नर्सिंग बेरोजगारों के आंदोलन समाप्ति का भाजपा ने किया स्वागत!
कांग्रेस नेत्री द्वारा स्वयं पर पेट्रोल डालकर बेरोजगारों को आत्मदाह के लिए उकसाना निंदनीय : चमोली
कांग्रेस का आत्मघाती रवैए से आंदोलनकारी युवाओं को भड़काना पूर्णतया अनुचित : चमोली

श्रमिक मंत्र, देहरादून। भाजपा ने सरकार से बातचीत के आधार पर नर्सिंग बेरोजगारों के आंदोलन समाप्ति का स्वागत किया है। वहीं कांग्रेस नेत्री द्वारा स्वयं पर पेट्रोल डालकर बेरोजगारों को आत्मदाह के लिए उकसाने की कड़े शब्दों में निंदा की है।
पार्टी मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश प्रवक्ता विनोद चमोली ने कहा, सरकार से बातचीत के बाद, नर्सिंग बेरोजगारों का आंदोलन समाप्त करना स्वागत योग्य है। पार्टी को पूर्ण भरोसा है कि शीघ्र मुख्यमंत्री पुष्कर धामी युवाओं के हित में इस मुद्दे का पूर्णतया समाधान करेंगे। वहीं आंदोलनकारी युवाओं से आग्रह किया कि भाजपा संगठन और सरकार उनके हितों को लेकर संवेदनशील एवं गंभीर है, सभी को थोड़ा धैर्य रखने की जरूरत है।
वहीं उन्होंने कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टी का इस आंदोलन में अराजकतापूर्ण भूमिका का निर्वहन करना बहुत चिंताजनक है। उनका अपनी नेत्री को दांव पर लगाकर आंदोलनकारी युवाओं को आत्मदाह के लिए भड़काना किसी भी तरह से उचित नही हैं।
कहा, “निश्चित तौर पर ये एक आत्मघाती और गैरजिम्मेदाराना कदम है, यहाँ तक है कि इतने दिन से आप टंकी पर चढ़े हुए हैं। उन्होंने प्रश्न उठाया कि आप स्वयं पर पेट्रोल डालकर क्या जताना चाहते हैं? क्या लोगों को ये सन्देश देना चाहते हैं कि अपने काम कराने हैं तो अपने को जला लो पहले, या आत्महत्या कर लो? क्या एक लीडर का और ऐसी एक राष्ट्रीय पार्टी का जो कल सरकार बनाने का दावा करती हो। क्या वो प्रदेश को अराजकता के इस रास्ते पर झोंकना चाहती है?

उन्होंने गणेश गोदियाल से अपील की कि अध्यक्ष के नाते उनको अपनी नेत्री से बात करनी चाहिए और इस तरफ आंदोलन को नहीं ले जाना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इस तरह की राजनीति प्रदेश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है और भविष्य के लिए भी ये परम्पराएँ ठीक नहीं हैं। वहीं सुझाव दिया कि उन्होंने अपने अध्यक्ष की जान-माल की चिंता करनी चाहिए।
बहुत संभावना है कि नेतृत्व की सलाह पर ही वो चढ़ी होंगी क्योंकि उसके बगैर ऐसा एक महिला अध्यक्ष कदम नहीं उठा सकता। ऐसे में उनको चाहिए कि वे उनको नीचे उतारें। अगर कोई वार्ता करनी भी है, तो पूरी कांग्रेस मुख्यमंत्री के पास जाय, कोई इंकार नहीं कर रहा है। चाहे तो वे स्वास्थ्य मंत्री से भी बातचीत कर सकते हैं और शायद बातचीत भी हुई है। और उन्होंने सकारात्मक रुख अपनाया है। कांग्रेस पार्टी समेत कोई भी सामने आकर इस विषय के समाधान के लिए सरकार के पास आ सकता है।
