बैंकिंग योजनाओं और ऋण वितरण में लाएं तेजी, केवल जमा राशि बढ़ाने तक सीमित न रहें बैंक रू एडीएम के.के. मिश्रा
अपर जिलाधिकारी ने जिला सलाहकार एवं समीक्षा समिति की बैठक में की योजनाओं की समीक्षा
एसबीआई, पीएनबी, यूनियन बैंक और यूको बैंक के कम सीडी रेशियो पर जताई सख्त नाराजगी
पर्यावरण संरक्षण, ऑर्गेनिक फार्मिंग और डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने के दिए निर्देश


अपर जिलाधिकारी ने ऋण वितरण प्रक्रिया को सरल बनाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने वाली योजनाओं पर विशेष बल दिया। उन्होंने प्राथमिक सेक्टर में आर्गेनिक फार्मिंग को प्रोत्साहित करने के साथ ही पीएम स्वरोजगार योजना, वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, ओडीओपी, एनआरएलएम और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं में अनावश्यक विलंब न करने की हिदायत दी। साथ ही, उन्होंने किसानों की फसल बीमा सुनिश्चित करने तथा दूरस्थ क्षेत्रों में डिजिटल बैंकिंग को सुदृढ़ करने के लिए बैंक संवाददाताओं (बीसी) को तत्काल सक्रिय करने के निर्देश दिए। व्यक्तिगत मामलों में अनावश्यक रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) दाखिल करने पर रोक लगाते हुए उन्होंने केवल सरकारी देनदारियों से जुड़े मामलों में ही आरसी आवेदन करने की स्थिति स्पष्ट की।लीड बैंक अधिकारी संजय भाटिया ने जानकारी दी कि 30 जून, 2026 की तिमाही तक जनपद का कुल ऋण-जमा अनुपात 42.02 प्रतिशत रहा, जो पिछली तिमाही से 0.67 प्रतिशत कम है।
बैठक में आरबीआई के एलडीओ भरत राज आनंद, आरसेटी से ओपी पंवार, मुख्य प्रबंधक आर. शर्मा, जीएम डीआईसी मीना बिष्ट, एटीओ हीरा लाल सहित विभिन्न बैंकों के मुख्य प्रबंधक, क्षेत्रीय शाखा प्रबंधक एवं विभागीय जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
