नशे से दूर रहकर सकारात्मक एवं रचनात्मक जीवन का करें चयन डीएम
छात्र-छात्राओं से संवाद कर डीएम ने कहा जागरूकता और सामूहिक प्रयास से रोकना होगा नशे का प्रसार


सरकार, शासन, प्रशासन, पुलिस, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों, अभिभावकों तथा आम नागरिकों को मिलकर इस दिशा में योगदान देना होगा। उन्होंने कहा कि युवा विशेष रूप से नशे के सौदागरों के निशाने पर होते हैं। ऐसे में युवाओं को जागरूक करना और उन्हें नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नशा विरोधी जागरूकता को व्यापक स्तर तक पहुंचाने के लिए जनपद के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में भी इस प्रकार की कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि छात्र-छात्राओं को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा सके।

कहानी के माध्यम से पुलिस अधीक्षक नगर ने किया जागरूक
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक नगर शेखर चन्द्र सुयाल ने प्रभावी कहानी के माध्यम से छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि नशे जैसी सामाजिक समस्या को रोकने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, यूपीईएस के वाइस चांसलर मनीष मदान एवं विशेष अतिथि ललित जोशी ने भी छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

कार्यशाला के दौरान छात्र-छात्राओं को जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से नशे के दुष्प्रभाव, नशे से होने वाली सामाजिक एवं पारिवारिक समस्याओं तथा नशा छोड़ने एवं दूसरों को भी नशे से बचाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं अन्य प्रतिभागियों को नशे से दूर रहने तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने की शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें तथा अपने मित्रों, परिवारजनों एवं आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। युवाओं को नशे के विरुद्ध जागरूकता अभियान का सक्रिय सहभागी बनाने पर भी जोर दिया गया।

