खेती से कारोबार तक मालदेवता की रेखा चौहान बनीं आत्मनिर्भर की पहचान
स्वयं आगे बढ़ी, दूसरों को भी आगे बढ़ाया, रेखा चौहान की प्रेरक पहल
खेती संग कारोबार भी, कॉस्मेटिक दुकान से 20-25 हजार की मासिक आय,


रेखा चौहान की यह पहल केवल स्वरोजगार तक सीमित नहीं रही। उन्होंने अपने साथ गांव की एक अन्य महिला को भी रोजगार प्रदान किया है, जिससे वे अब जॉब सीकर से जॉब गिवर की भूमिका में आ चुकी हैं। उनका यह कदम ग्रामीण क्षेत्र में महिला उद्यमिता और रोजगार सृजन का सशक्त उदाहरण है। रेखा का कहना है कि सरकारी योजनाओं, स्वयं सहायता समूहों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों ने उन्हें आत्मविश्वास और आर्थिक मजबूती दी। आज वे अपने परिवार की आय में योगदान देने के साथ-साथ अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से रेखा को ब्यूटी पार्लर व कॉस्मेटिक की दुकान के लिए प्रगति स्वयं सहायता समूह के माध्यम से 2024-25 में प्रत्येक वर्ष एक लाख का बैंक ऋण प्राप्त किया। वर्ष 2025 में रेखा को कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड (सीआईएफ) से 50 हज़ार की सहायता मिली। इससे रेखा ने अपने सपने को हकीकत में बदला है। आज रेखा ब्यूटी पार्लर कॉस्मेटिक की दुकान से प्रतिमाह 20-25 हज़ार की आय कमा रही है और त्यौहारों के सीजन में 25-30 हजार प्रतिमाह कमा लेती है। उन्होंने कॉस्मेटिक की दुकान में पार्ट टाइम के लिए एक महिला को भी जॉब भी दी है।

जिला मिशन प्रबंधक सोनम गुप्ता ने बताया बताया की रेखा चौहान हमारे प्रगति स्वयं सहायता समूह की महिला है। जिन्होंने पिछले वर्ष से ही कॉस्मेटिक और गिफ्ट शॉप की दुकान का संचालन शुरू किया है। उन्होंने बताया कि रेखा खेती के साथ कॉस्मेटिक की दुकान से 25 से 30 रुपए की आय अर्जित कर अपने आप को सशक्त बनाया है। साथ ही लखपति दीदी की दौड़ में भी अग्रसर है।
