राज्य तेज़ी से बेहतर चिकित्सा सेवाओं की ओर बढ़ रहा है,उत्तराखंड को विश्व-स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएँ देने का वादा अब सच होता नज़र आ रहा है

राज्य तेज़ी से बेहतर चिकित्सा सेवाओं की ओर बढ़ रहा है,उत्तराखंड को विश्व-स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएँ देने का वादा अब सच होता नज़र आ रहा है

श्रमिक मंत्र, देहरादून। चमोली जिले के माणा गाँव के रहने वाले 51 साल के ऑस्ट्रेलियाई नागरिक और बिजनेसमैन अनिल राणा को अपनी दाहिनी आँख में मोतियाबिंद की शिकायत थी और उन्होंने देहरादून के एक हॉस्पिटल के बारे में पूछा। सोशल मीडिया और देहरादून में दोस्तों की सलाह पर,उन्होंने सरकारी दून मेडिकल कॉलेज में ऑप्थल्मोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर और यूनिट हेड डॉ. सुशील ओझा से सर्जरी करवाने के बारे में सलाह ली।

उन्हें यह भी पता चला कि दून मेडिकल कॉलेज का ऑप्थल्मोलॉजी डिपार्टमेंट स्टेट-ऑफ़-द-आर्ट इक्विपमेंट से लैस है,जहाँ बिना एनेस्थीसिया के सिर्फ़ 2.2 mm चीरा लगाकर ऑपरेशन किए जाते हैं। उन्होंने दून हॉस्पिटल में डॉ.सुशील ओझा से सलाह ली। ज़रूरी टेस्ट के बाद,उन्हें डायबिटीज मेलिटस का पता चला। उन्हें दून मेडिकल कॉलेज के बहुत ही काबिल प्रोफेसर और सीनियर फिजिशियन,डॉ.केसी पंत ने दवा दी,और आँख का ऑपरेशन सफल रहा।

अनिल राणा ने बताया कि उन्होंने अपनी बाईं आँख का ऑपरेशन ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में रॉयल विक्टोरियन आई एंड इयर हॉस्पिटल में करवाया था,लेकिन दून हॉस्पिटल में कॉम्प्लिकेशंस न के बराबर थीं। ऑस्ट्रेलियाई नागरिक राणा ने भी उत्तराखंड सरकार को वर्ल्ड-क्लास मेडिकल सर्विस देने के लिए बधाई दी।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि दून हॉस्पिटल में मेडिकल एक्सीलेंस को बढ़ावा देने के लिए आगे भी काम चल रहा है। मेडिकल एजुकेशन डायरेक्टर डॉ.अजय आर्य ने भी टीम को बधाई दी और कहा कि अगले पांच सालों में दून मेडिकल कॉलेज को सुपर-स्पेशियलिटी सुविधाओं से लैस करने का लक्ष्य है।

वहीं प्रिंसिपल डॉ. गीता जैन ने कहा कि ऑप्थल्मोलॉजी डिपार्टमेंट को अपग्रेड किया जा रहा है और रेटिनल ट्रीटमेंट भी दिया जा रहा है। मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ.आर.एस. और डॉ.नंदन सिंह बिष्ट ने पूरी ऑप्थल्मोलॉजी टीम को बधाई दी। ऑपरेशन के दौरान सर्जिकल टीम में डॉ.सुशील ओझा,डॉ. नीरज सारस्वत,डॉ. दिव्या खंडूरी,डॉ. ईशान सिंह,डॉ.वंशिका,ब्रदर शैलेश राणा और सिस्टर वाणी शामिल थे।