
सर्वसम्मति से बैठक में निर्णय हुआ कि इस घटना के संदर्भ में महामहिम राज्यपाल और प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाए, महामहिम राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा गया है, और कल दिनांक 10 फरवरी को सांय 5ः00बजे गांधी पार्क में गांधी प्रतिमा के सम्मुख संयुक्त रूप से शान्ति के लिए प्रार्थना की जाएगी।हल्द्वानी की घटना में हताहत और घायल हुए सभी लोगों के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं घटना में पत्रकार, आमजन और पुलिस कर्मी भी प्रभावित और घायल हुए हैं घटना में घायल सभी लोगों के जल्द स्वास्थ्य लाभ की हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं, यह भी अत्यन्त दुखद घटना है किसी को भी कानून से खिलवाड़ करने की छूट नहीं होनी चाहिए।
बैठक में सभी वक्ताओं ने कहा कि भाजपा ऐसी घटनाओं पर ओछी राजनीति और बयानबाजी कर रही है जो किसी भी तरह से सही नहीं है उससे बचा जाना चाहिए। इस प्रकार की घटनाओं से किस राजनीतिक दल को लाभ होता है यह भी देश की जनता भली भांति जानती हैं। सरकार को अपना दायित्व निभाते हुए इस घटना की निष्पक्ष न्यायिक जांच करनी चाहिए और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही करनी चाहिए।
अतिक्रमण हटाओ अभियान के नाम पर लम्बे समय से चल रही कार्यवाहियों पर भी लगातार सवाल खडे हो रहे हैं कि प्रशासन द्वारा बिना नोटिस दिए पक्षपात पूर्ण और गैरकानूनी एवं मनमाने तरीके से कार्यवाही की जा रही है जिस कारण इस प्रकार की परिस्थितियां पैदा हो रही हैं।
हम सरकार से मांग करते हैं कि कोई भी कार्यवाही करने से पहले लोगों के पुनर्वास जनसुनवाई और मानवीय मूल्यों और न्यायालय के आदेशों का भी पूर्णतः पालन होना चाहिए। मालिक फार्म की घटना में 14 फरवरी की माननीय हाईकोर्ट में लगी है फिर जल्दबाजी में की गयी यह कार्यवाही कई सवाल खड़े करती है।
बैठक में कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष संगठन प्रशासन मथुरा दत्त जोशी, मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी, सीबीआई के समर भण्डारी, सीपीएम के राजेन्द्र सिंह नेगी, और सुरेन्द्र सिंह सजवाण, इंसानियत मंच के रवि चोपड़ा, वरिष्ठ पत्रकार त्रिलोचन भट्ट, सीपीआई माले के इन्द्रेश मैखुरी, आम आदमी पार्टी से उमा सिसोदिया, रविन्द्र सिंह आनन्द, महिला मंच से निर्मला बिष्ट और समाजवादी पार्टी के सुरेश यादव और सर्वोदय नेता शुक्ला, रणवीर सिंह कुशवाह, कांग्रेस पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता शिवपाल सिंह बिष्ट, याकूब सिद्धि, अमरजीत सिंह आदि ने भाग लिया।
