राष्ट्रीय सहारा समाचार का प्रकाशन अचानक बंद कर्मचारियों की नौकरी चली गई है इस वजह से उनके परिवार जनों में आर्थिक संकट पैदा हो गया है।
श्रमिक मंत्र,देहरादून। राष्ट्रीय सहारा समाचार का प्रकाशन अचानक बंद हो गया है। कई कर्मचारियों की नौकरी चली गई है और इस वजह से उनके परिवार जनों में आर्थिक संकट पैदा हो गया है। इस पर कांग्रेस काफी नाराज है। ये विषय कांग्रेस ने श्रम आयुक्त कार्यालय उत्तराखंड में ज्ञापन देकर रखे। कांग्रेस ने कहा कि अखबार बंद होने के कारण बेरोजगार हो चुके कर्मचारियों का बकाया वेतन, ग्रेच्युटी के साथ पीएफ का भुगतान किया जाए।
प्रदेश कांग्रेस महामंत्री वीरेंद्र पोखरियाल ने श्रम आयुक्त कार्यालय को दिए ज्ञापन में बताया कि राष्ट्रीय सहारा अखबार ने बिना नोटिस दिए कर्मचारियों से इस्तीफा मांगा और उसके बाद बीते 8 जनवरी को रात्रि अखबार कब प्रकाशन बंद कर दिया। वीरेंद्र पोखरियाल ने कहा कि अखबार के बंद होने से तमाम कर्मचारी बेरोजगार हो चुके हैं। श्रम आयुक्त को बताया कि तमाम कर्मचारियों के पीएफ, ग्रेच्युटी और पेंशन के मामले लंबित हैं।

पोखरियाल ने बताया कि राष्ट्रीय सहारा के स्थानीय पत्रकारों के मुताबिक तमाम विज्ञापन उक्त अखबार को मिला था। वहीं उक्त अखबार की कंपनी के खातों में करोड़ों की धनराशि जमा है। इसलिए कांग्रेस की मांग है कि उसे कंपनी के खाते फ्रीज किए जाएं। कांग्रेस की मांग है कि इस कंपनी के कर्मियों का बकाया भुगतान जल्द जारी किया जाए। वीरेंद्र ने श्रम आयुक्त को बताया कि उक्त कंपनी ने साल 2014 से कर्मचारियों को पीएफ भी जमा नहीं किया है।

इस वजह से पेंशन भी नहीं बन पाई है। वीरेंद्र ने श्रम आयोग से कहा इस संस्थान के कर्मचारियों के साथ न्याय हो ताकि उनके परिवार का लालन पोषण ठीक से हो सके। ज्ञापन देने मे विजय प्रताप मल्ल अजय सूद,महिपाल शाह, आशीष उनियाल,दीवान सिंह बिष्ट, आशीष देसाई,कैलाश वाल्मीकि, मानवेंद्र सिंह, संजय बिरला, आदित्य पंडित,प्रवीण नौटियाल, संजय उनियाल,देवेंद्र बडोला, विनीत सिंह, नितिन रावत,केवल पुंडीर,डीपी सिंह, गुरनेन सिंह, हरदीप सिंह लक्की, संजय थापा, विवेक शर्मा, अनूप सिंह, दीपक देवलिया सहित सभी कांग्रेस जन उपस्थित रहे
