अव्यवस्थाओं एवं बदहाल स्वास्थ्य सेवा से जूझता देहरादून का राजकीय दून मेडिकल कॉलेज
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन टॉर्च की रोशनी में किए जा रहे हैं

श्रमिक मंत्र, देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के महासचिव विनोद सिंह चौहान के नेतृत्व में, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज,देहरादून में संचालित दून चिकित्सा व्यवस्था में व्याप्त अव्यवस्थाओं के आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सालयों में से एक होने के बावजूद दून चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति अत्यंत चिंताजनक स्थिति है।
और कई मामलों में अमानवीय बनी हुई है। इसका सीधा दुष्प्रभाव गरीब,असहाय एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों पर पड़ रहा है। जैसे गंभीर समस्या में पीने के पानी हेतु बजट एवं उद्देश्य निर्धारित होने के बावजूद अस्पताल परिसर में शुद्ध पेयजल की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। सफाई व्यवस्था अत्यंत दयनीय है। वार्डों, शौचालयों एवं परिसर में गंदगी व्याप्त रहती है, जिससे संक्रमण फैलने का गंभीर खतरा बना हुआ है।
आवश्यक दवाइयों का भारी अभाव है, जिससे मरीजों को बाहर से महंगी दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इमरजेंसी सेवाएं अव्यवस्थित हैं, जिसके कारण गंभीर मरीजों के उपचार में अनावश्यक देरी हो रही है।
बेड की भारी कमी के कारण मरीजों को समय पर भर्ती नहीं मिल पा रही है। अल्ट्रासाउंड,एक्स-रे,सीटी स्कैन जैसी आवश्यक जाँच सुविधा नियमित रूप से संचालित नहीं हो रही हैं अथवा अक्सर अनुपलब्ध रहती हैं। नाइट ड्यूटी एवं आपातकालीन समय में चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता नहीं रहती, जिससे मरीजों को घंटों प्रतीक्षा करनी पड़ती है। ऑर्थोपेडिक विभाग की ओपीडी की स्थिति अत्यंत खराब है।
एक्स-रे हेतु मरीजों को निचले तल पर जाना पड़ता है तथा प्री-रूम एवं फ्लोर की स्थिति अमानवीय बनी हुई है। पर्ची काटने वाले काउंटरों की संख्या अत्यंत अपर्याप्त है, जबकि अधिकांश मरीज ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया से अनभिज्ञ हैं। ऑनलाइन पंजीकरण / ऐप आधारित व्यवस्था अव्यवस्थित है, जिससे आमजन को कोई वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है। मरीजों के लिए भोजन एवं पोषण की व्यवस्था घटिया स्तर की है तथा कई बार समय पर भोजन भी उपलब्ध नहीं कराया जाता।

बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में समाचार पत्रों के माध्यम से यह तथ्य सामने आया है कि ऑपरेशन टॉर्च की रोशनी में किए गए, जो अत्यंत गंभीर एवं चिंताजनक विषय है। अस्पताल में स्थायी एवं पर्याप्त जनरेटर व्यवस्था की तत्काल आवश्यकता है। अस्पताल परिसर में दलालों का सक्रिय गिरोह कार्यरत है, जो मरीजों को निजी लैब, मेडिकल स्टोर एवं निजी अस्पतालों की ओर मोड़ रहा है। गरीब एवं असहाय मरीजों की शिकायतों के समाधान हेतु कोई प्रभावी एवं सक्रिय शिकायत निवारण प्रणाली उपलब्ध नहीं है।
दवाइयों के वितरण हेतु काउंटरों की संख्या अपर्याप्त है, जिससे मरीजों को लंबी कतारों में घंटों खड़ा रहना पड़ता है। अतः दवा वितरण काउंटरों की संख्या तत्काल बढ़ाई जाए तथा दवा वितरण प्रणाली को सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया जाए, जिससे मरीजों को समय पर निशुल्क दवाइयां उपलब्ध हो सके ।
उपरोक्त सभी बिंदु केवल प्रशासनिक लापरवाही ही नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ हैं। यदि शीघ्र ही इन समस्याओं पर ठोस एवं प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई, तो जनहित में आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए हम बाध्य होंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन की होगी।
ज्ञापन देने के बाद कार्यकर्ताओं ने वहां पर आए हुए सब मरीजों से वार्ता की, जिसके उपरांत पाया गया के लगभग सभी मरीजों को बाहर से दवाइयां लिखी गई है इस समय मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर बिष्ट को मौके पर बुलाकर प्रत्यक्ष प्रमाण दिखाया गया। डॉ बिष्ट ने बाहर से दवा लिखने पर तत्काल संज्ञान में लिया साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया के उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
विनोद चौहान ने मुख्य चिकित्सा से कहा कि यदि इसमें कार्रवाई नहीं हुई तो वह कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ दोबारा आकर तालाबंदी व धरना देने को मजबूर होंगे। इस अवसर पर ज्ञापन देने वालों में पार्षद अर्जुन सोनकर,पार्षद वीरेंद्र सिंह बिष्ट,पूर्व पार्षद अनूप कपूर,मुकेश सोनकर,सविता सोनकर, राहुल शर्मा,आशीष गोसाई, संजय मौर्य, तेजेंद्र सिंह रावत,मनीष वर्मा, अर्पण सलाल, सुनील नौटियाल, मोहन रावत, विक्की गोयल,दिनेश गुप्ता, मनीष गर्ग, हिमेश नेगी,दारा,रिपु दमन सिंह, गुल मोहम्मद, विजय गुप्ता,अनिल उनियाल,रामबाबू आदि कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
