
समारोह में मंत्रीगण, विधायकगण, प्रशासनिक अधिकारी तथा समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े गणमान्य उपस्थित रहे। सभी ने मुख्यमंत्री से भेंट कर होली की शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
कार्यक्रम के दौरान गढ़वाल और कुमाऊँ की पारंपरिक होली के साथ-साथ जौनसार-बावर और तराई क्षेत्र की लोक धुनों ने वातावरण को रंगमय बना दिया। लोक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रदेश की विविध लोक परंपराओं की झलक दिखाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की लोक संस्कृति, लोक भाषाओं और पारंपरिक कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारी सांस्कृतिक विरासत ही उत्तराखंड की पहचान है और इसे सहेजना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। समारोह में सभी ने पारंपरिक ढंग से एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं।
