विरासत महोत्सव-2026 में रविवार को खूब हुई रौनक
उत्साह-उमंगों के साथ की गई जमकर खरीदारी और लिया गया सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद
भव्य एवं आकर्षक अंदाज़ में सड़कों पर निकलकर अठखेलियां करने वाली सुपर बाइक रैली को देखने के लिए उमड़ पड़ा लोगों का हुजूम
विरासत की सांस्कृतिक शाही सेज पर मशहूर कवियों तथा शायरों की आलीशान महफिल में बही रस की धारा
उत्तराखंड का पर्यावरण लोकनाट्य ‘चक्रव्यूह’ में दिखी धार्मिक और ऐतिहासिक झलक, कविताओं एवं शायरी ने भी विरासत की महफिल में मेहमानों को किया भाव- विभोर
प्रसिद्ध वायलिन वादक रागिनी शंकर के सुरों से सजी विरासत की शाम


चक्रव्यूह के अंतर्गत डॉ. पुरोहित और सुशील पुरोहित के निर्देशन में प्रस्तुत इस नाट्य ने महाभारत के प्रसंगों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। नाटक में पांडवों की भूमिका में देवान सिंह (युधिष्ठिर), लोकेश रावत (भीम), आशीष (अर्जुन), प्रकाश (नकुल), अजय (सहदेव), अभिनव बिष्ट (कृष्ण), अंबिका (सुभद्रा), अंजलि (द्रौपदी), आयुष (अभिमन्यु), ममता (ग्राम वधू 1) और पिंकी (ग्राम वधू 2) ने अभिनय किया। जबकि, कौरव पक्ष की भूमिकाओं में आयुष (जयद्रथ), रिपुल (दुर्योधन), मुकेश (दुःशासन), विजय (द्रोणाचार्य), रोहन (कर्ण), सुनील (कृपाचार्य), ओपी पुरोहित (शल्य नरेश), कृष (लक्ष्मण), हरीश(शकुनि), पवन (अश्वत्थामा) और सुशील (संदेशवाहक) की भूमिका में नजर आए।

प्रस्तुति में संगीत-संगत ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अमन नेगी ने हारमोनियम, अक्षय ने हुड़का, अमन ने थाली, हरीश ने ढोल, किशोरी ने दमाऊ तथा गोपी और सुरेंद्र ने भूमकारे पर संगत दी तथा रसीन ने बांसुरी वादन कर मदहोश कर दिया। इसके अलावा गायन और स्वर में डॉ. शैलेन्द्र मैठाणी, धीरज राणा, दिव्यांशु, अमन, प्रिया राणा, रिया और आशीष का शानदार साथ रहा Iसर्वप्रथम सुबह हुई सुपर बाइक रैली में 24 ओल्ड मॉडल वाली मोटर साइकिलों द्वारा प्रतिभाग किया गया I बाइक रैली को रीच संस्था के विरासत की आयोजन समिति की संयुक्त सचिव विजयश्री जोशी ने हिमालयन कल्चरल सेंटर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली प्रारंभ होने पर बाइक सवार गढ़ी कैंट, दिलाराम और मसूरी डायवर्जन होते हुए अपने निर्धारित मार्ग से होकर दौड़े। यात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने ब्रू कासा कैफे में विश्राम के लिए पिट स्टॉप लिया।


प्रसिद्ध वायलिन वादक रागिनी शंकर के सुरों से सजी विरासत की शाम
संगीत प्रेमियों के लिए यह एक अत्यंत विशेष और सुरमयी शाम रही, जिसमें देश की जानी-मानी और प्रतिभाशाली वायलिन वादक रागिनी शंकर ने अपने जादुई वादन की प्रस्तुति दी। भारतीय शास्त्रीय संगीत को समर्पित इस विशेष कॉन्सर्ट में रागिनी शंकर के साथ तबले पर प्रख्यात संगीतकार पंडित अभिषेक मिश्रा ने संगति की थी।
इस संगीतमय सफर की शुरुआत शास्त्रीय संगीत के बेहद खूबसूरत और मधुर राग रागेश्री के साथ हुई थी। रागिनी शंकर ने राग रागेश्री के विभिन्न आलाप और गतों के माध्यम से शाम के माहौल को शास्त्रीय रंग में रंग दिया था। वहीं, कार्यक्रम का समापन भारतीय संगीत परंपरा के अनुसार अत्यंत भावपूर्ण और सदाबहार राग भैरवी की प्रस्तुति के साथ हुआ था। वायलिन और तबले की यह जुगलबंदी श्रोताओं के लिए एक यादगार और आनंदमयी अनुभव साबित हुई। संगीत जगत के इस भव्य कार्यक्रम में सभी कला और संगीत प्रेमियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था।



विरासत की सांस्कृतिक शाही सेज पर मशहूर कवियों तथा शायरों की आलीशान महफिल में बही रस की धारादेशभर से आए जाने-माने कवियों ने अपनी रचनाओं से मोह लिया मन और जीत लिया दिल…..
विरासत मेले में रविवार को साहित्य और काव्य का अद्भुत संगम देखने को मिला। मेले के सांस्कृतिक मंच पर आयोजित कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिष्ठित एवं लोकप्रिय कवियों एवं शायरों ने अपनी सशक्त रचनाओं से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक चले इस काव्य आयोजन में हास्य, शृंगार, ओज, गीत और ग़ज़लों की ऐसी सुंदर प्रस्तुतियाँ हुईं कि पूरा वातावरण साहित्यिक रंगों से सराबोर हो उठा। इस भव्य कवि सम्मेलन का संयोजन दिल्ली की सुप्रसिद्ध डॉ. रजनी चौहान, शृंगार रस की कवयित्री द्वारा किया गया। उनके कुशल संयोजन में सजे इस काव्य मंच पर साहित्य की विविध विधाओं और काव्य की अलग-अलग रसधाराओं का अनूठा संगम देखने को मिला।

कवि सम्मेलन में मेरठ से राष्ट्रीय कवि अरुण शर्मा, शामली से अंतरराष्ट्रीय शायर एवं साहित्यकार प्रदीप मायूस, वरिष्ठ साहित्यकार एवं गीतकार रमेश चंद्र, बड़ौत से गीतकार डॉ. निखिल चौहान ‘मन’, ग़ज़लकार गुरुदत्त तथा श्री दिव्यांश मिश्रा ने अपनी रचनाओं से कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। वहीं संयोजिका डॉ. रजनी चौहान ने भी अपनी शृंगारिक एवं काव्यात्मक प्रस्तुतियों से श्रोताओं का मन मोह लिया।

