जन्म-मृत्यु पंजीकरण की नई व्यवस्था के खिलाफ चकराता में प्रदर्शन

जन्म-मृत्यु पंजीकरण की नई व्यवस्था के खिलाफ चकराता में प्रदर्शन

श्रमिक मंत्र देहरादून।  दो वर्ष से अधिक पुराने जन्म-मृत्यु पंजीकरण के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश अनिवार्य किए जाने के विरोध में ग्रामीणों ने गुरुवार को तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। पूर्व प्रधान गोपाल उर्फ गोपी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने एक दिवसीय सांकेतिक धरना और अनशन कर व्यवस्था में बदलाव की मांग की।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों के ग्रामीणों के लिए न्यायिक प्रक्रिया परेशानी और अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ाएगी। उन्होंने मांग की कि ऐसे मामलों के सत्यापन एवं अनुमति का अधिकार पूर्व की तरह उपजिलाधिकारी को दिया जाए।


गोपाल उर्फ गोपी ने कहा कि चकराता, कालसी और त्यूणी क्षेत्र के कई गांव दुर्गम हैं। न्यायालय तक पहुंचने में ग्रामीणों को लंबी दूरी तय करने के साथ अधिवक्ता फीस, यात्रा और अन्य खर्च भी वहन करना पड़ेगा।धरने के बाद ग्रामीणों ने एसडीएम चकराता के माध्यम से मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन को ज्ञापन भेजा। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। धरने में कमल रावत, सालक राम जोशी, चंदन रावत, भाव सिंह रावत, खुशीराम जोशी, राजेंद्र जोशी, टीकम रावत, चमन वर्मा, नंदलाल, प्रभु सिंह, प्रेमदास समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।