ईबीजी समूह की ईबाइकगो अगले 12 महीनों में पूरे भारत में 50 एकीकृत साइकिल स्टोर शुरू करेगी
श्रमिक मंत्र, देहरादून। एकीकृत स्टोर नेटवर्क की शुरुआत कोयंबटूर, हैदराबाद और बेंगलुरु में पायलट लॉन्च के साथ होगी। कंपनी अगले 12 महीनों में ₹35 करोड़ से अधिक का निवेश करेगी और 300 से अधिक प्रत्यक्ष नौकरियां तथा 500–700 अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित करेगी। नए स्टोर एक संगठित रिटेल नेटवर्क के तहत साइकिल और ई-बाइक की बिक्री, रेंटल, सर्विसिंग, स्पेयर पार्ट्स और फ्लीट मोबिलिटी सॉल्यूशंस को एक साथ उपलब्ध कराएंगे।ईबाइकगो, ईबीजी समूह की एक कंपनी, ने आज अगले 12 महीनों में पूरे भारत में 50 एकीकृत स्टोर स्थापित करने की योजना की घोषणा की। यह पहल भारत के संगठित साइकिल मोबिलिटी रिटेल और सर्विस क्षेत्र में कंपनी के प्रवेश को चिह्नित करती है। इस पहल के तहत साइकिल और इलेक्ट्रिक साइकिल की बिक्री, रेंटल, सर्विसिंग, स्पेयर पार्ट्स और फ्लीट मोबिलिटी सॉल्यूशंस को एक ही रिटेल मॉडल के अंतर्गत लाया जाएगा, जिसका उद्देश्य रोजमर्रा के शहरी आवागमन के लिए साइकिल-आधारित मोबिलिटी को अधिक सुलभ बनाना है।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब साइकिल और इलेक्ट्रिक साइकिल को अब केवल फिटनेस और मनोरंजन के साधन के रूप में ही नहीं, बल्कि कम दूरी के आवागमन, छात्रों की मोबिलिटी, लास्ट-माइल ट्रैवल और गिग वर्क के लिए भी तेजी से अपनाया जा रहा है। ऐसे उपयोगों में किफायती कीमत, संचालन लागत, सुविधा और विश्वसनीय सर्विसिंग की उपलब्धता इनके उपयोग को प्रभावित कर सकती है। ईबाइकगो का मॉडल इन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए ऐसे पड़ोस-आधारित स्टोर उपलब्ध कराने पर केंद्रित है, जहां उत्पादों की उपलब्धता के साथ रेंटल और बिक्री के बाद की सेवाएं भी एक ही स्थान पर मिलेंगी।
ग्रुप 50-स्टोर नेटवर्क स्थापित करने के लिए ₹35 करोड़ से अधिक का निवेश करने की योजना बना रहा है। नेटवर्क के पूरी तरह विकसित होने पर इस कार्यक्रम से 300 प्रत्यक्ष नौकरियों और 500–700 अप्रत्यक्ष आजीविका के अवसरों को समर्थन मिलने की उम्मीद है। कंपनी को बिक्री, रेंटल और सर्विसिंग के माध्यम से हर वर्ष 5 लाख से अधिक ग्राहक इंटरैक्शन और 1 लाख से अधिक मोबिलिटी ट्रांजैक्शन होने का भी अनुमान है।
ईबीजी समूह के संस्थापक एवं चेयरमैन डॉ. इरफान खान ने कहा: “भारत में इलेक्ट्रिक साइकिल को लेकर लोगों की धारणा बदल रही है। अब इसे केवल फिटनेस या मनोरंजन से जुड़े उत्पाद के रूप में नहीं देखा जा रहा है। ऑफिस जाने वाले व्यक्ति, छात्र या गिग वर्कर के लिए चर्चा अब तेजी से प्रति किलोमीटर लागत, सुविधा, विश्वसनीयता और सर्विस की उपलब्धता जैसे पहलुओं पर केंद्रित हो रही है। यही वह क्षेत्र है जहां एक संगठित रिटेल और सर्विस इकोसिस्टम महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ईबाइकगो Stores के माध्यम से हमारा उद्देश्य इलेक्ट्रिक और पारंपरिक साइकिलों को अधिक सुलभ बनाना है, साथ ही बिक्री के बाद भी ग्राहक के स्वामित्व अनुभव को बेहतर बनाना है।”

इस विस्तार की शुरुआत कोयंबटूर, हैदराबाद और बेंगलुरु के पायलट बाजारों से होगी। यहां ईबाइकगो अतिरिक्त बाजारों में विस्तार करने से पहले अपने ऑपरेटिंग मॉडल का परीक्षण और उसमें सुधार करेगी। कंपनी मेट्रो-फर्स्ट, क्लस्टर-आधारित रणनीति के तहत आगे बढ़ेगी। शुरुआती 15 फाउंडिंग स्टोर नेटवर्क की प्रारंभिक उपस्थिति स्थापित करेंगे और कंपनी को ऑपरेशनल डेंसिटी विकसित करने, उत्पादों की उपलब्धता मजबूत करने तथा बिक्री के बाद की सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद करेंगे। पारंपरिक साइकिल डीलरशिप के विपरीत, ईबाइकगो Stores को पड़ोस-आधारित मोबिलिटी हब के रूप में विकसित किया गया है, जहां रिटेल, रेंटल, सर्विसिंग और फ्लीट सपोर्ट एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे। ये स्टोर बच्चों, छात्रों, कामकाजी पेशेवरों, फिटनेस प्रेमियों, परिवारों, गिग वर्कर्स, डिलीवरी पार्टनर्स, व्यवसायों और संस्थागत ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करेंगे।
स्टोर store.ebikego.com से जुड़े होंगे, जिससे ट्रांजैक्शन और ग्राहक सहायता के लिए एक साझा टेक्नोलॉजी लेयर तैयार होगी। इस पेशकश के केंद्र में 250W इलेक्ट्रिक-असिस्ट साइकिलों का पोर्टफोलियो है, जिन्हें कम्यूटिंग, फोल्डेबल अर्बन मोबिलिटी, गिग-वर्क एप्लिकेशंस और प्रीमियम रिक्रिएशनल राइडिंग के लिए डिजाइन किया गया है। प्रस्तावित रेंज में eBikeGo City, eBikeGo Flare, eBikeGo Flare Pro, eBikeGo Fold, eBikeGo Momentum और eBikeGo Horizon शामिल हैं। पूरे पोर्टफोलियो में मौजूदा प्रोडक्ट आर्किटेक्चर में मॉडल और राइडिंग मोड के आधार पर 25 किमी/घंटा तक की असिस्टेड स्पीड, अनुमानित 35–55 किमी की रेंज, रिमूवेबल बैटरियां, चुनिंदा मॉडलों में Shimano गियरिंग और फोल्डेबल डिजाइन शामिल हैं। कंपनी का दीर्घकालिक विजन 1,500 से अधिक स्टोर वाला राष्ट्रीय मोबिलिटी नेटवर्क तैयार करना है। इसके लिए पूंजी-कुशल और पार्टनर-आधारित विस्तार मॉडल अपनाने की योजना है, जिसका उद्देश्य भारत में साइकिल और इलेक्ट्रिक साइकिल को रोजमर्रा के शहरी परिवहन का एक व्यावहारिक हिस्सा बनाना है।
