कुर्सियां बदलीं, क्या अब बदलेगी स्वास्थ्य व्यवस्था?
डॉ. आशुतोष सयाना के सामने मेडिकल कॉलेजों को पटरी पर लाने की चुनौती
विडंबना यह भी है कि कई बार जनप्रतिनिधियों से लेकर सरकारी चिकित्सकों तक के निजी अस्पतालों में इलाज कराने की खबरें चर्चा का विषय बनी हैं। ऐसे में आम जनता का सवाल स्वाभाविक है—अगर सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों पर भरोसा नहीं बढ़ेगा तो आम मरीज किस पर भरोसा करेगा.?
डॉ. सयाना के पास मेडिकल कॉलेज और चिकित्सा शिक्षा प्रशासन का लंबा अनुभव है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या उनके नेतृत्व में मेडिकल कॉलेजों की कार्यप्रणाली में वास्तविक बदलाव दिखाई देगा, क्या मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और क्या मेडिकल कॉलेजों की स्वास्थ्य व्यवस्था पर जनता का भरोसा मजबूत होगा।
कई कुर्सियां तो बदल गई हैं… अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या व्यवस्था भी बदलेगी.?
डॉ. अजय कुमार आर्या को निदेशक, चिकित्सा शिक्षा के प्रभार से मुक्त करते हुए राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी का प्राचार्य बनाया गया है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार के प्राचार्य डॉ. चंद्र मोहन सिंह रावत को श्रीनगर मेडिकल कॉलेज का नया प्राचार्य नियुक्त किया गया है।
डॉ. चन्द्रप्रकाश भैंसोड़ा को अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज से स्थानांतरित कर राजकीय मेडिकल कॉलेज रुद्रपुर का प्राचार्य नियुक्त किया गया है।
वहीं डॉ. जी.एस. तितियाल को हल्द्वानी से अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज का प्राचार्य बनाया गया है।
प्रो. डॉ. पंकज सिंह को हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज से स्थानांतरित कर राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार का प्रभारी प्राचार्य नियुक्त किया गया है।
