चंद्रबनी भूमि विवाद: दो परिवारों ने अपनी-अपनी संपत्तियों को बताया अलग, प्रशासनिक कार्रवाई पर उठाए सवाल
श्रमिक मंत्र, देहरादून। उत्तरांचल प्रेस क्लब में सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में चंद्रबनी क्षेत्र के दो परिवारों ने अपनी-अपनी भूमि से जुड़े विवादों को सार्वजनिक करते हुए यह स्पष्ट किया कि उनकी संपत्तियां एक-दूसरे से पूरी तरह अलग हैं और दोनों मामलों को एक साथ जोड़कर देखना तथ्यात्मक रूप से गलत है।
प्रेस वार्ता में दिनेश कुमार एवं उनके परिवार के साथ रामकिशन, रामस्वरूप और उनके परिवारजन उपस्थित रहे।
दिनेश कुमार ने कहा कि चंद्रबनी स्थित लगभग तीन बीघा भूमि उनकी पैतृक संपत्ति है, जिसके स्वामित्व संबंधी सभी अभिलेख उनके पास उपलब्ध हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानीय लोग तथा जनप्रतिनिधि उनकी निजी भूमि को ग्राम समाज की भूमि बताकर उस पर दावा करने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी भूमि का विवाद पूरी तरह अलग है और इसे किसी अन्य भूमि विवाद से जोड़ना अनुचित है।
दिनेश कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि भूमि विवाद के दौरान उनके साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया तथा गाली-गलौज की गई। उन्होंने बताया कि इसी मामले में उन्होंने संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि यह मामला पूरी तरह उनके परिवार से संबंधित है और इसमें दूसरे पक्ष का कोई संबंध नहीं है।
प्रेस वार्ता के दौरान दिनेश कुमार ने अपने दादा के सैन्य सम्मान और पदक भी प्रदर्शित किए। उनका कहना था कि उनके पूर्वजों ने देश की सेवा की है तथा संबंधित भूमि उनके परिवार की वैध पैतृक संपत्ति है।
वहीं रामकिशन एवं रामस्वरूप ने स्पष्ट किया कि उनकी भूमि अलग है तथा उसका दिनेश कुमार की संपत्ति से कोई संबंध नहीं है। रामकिशन ने बताया कि संबंधित भूमि उन्हें उनके मामा स्वर्गीय रामनाथ द्वारा की गई वसीयत के माध्यम से प्राप्त हुई थी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल यह स्पष्ट करना है कि दोनों परिवारों के भूमि स्वामित्व को एक-दूसरे से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
रामकिशन पक्ष ने यह भी कहा कि उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में हुई मीनारबंदी एवं सीमांकन की प्रक्रिया के दौरान दोनों संपत्तियों को एक साथ शामिल किए जाने से भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई है, जबकि दोनों भूमि स्वामित्व अलग-अलग हैं।
प्रेस वार्ता में दिनेश कुमार ने भाजपा विधायक विनोद चमोली पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए तथा पूरे प्रकरण की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले का संज्ञान लेने की मांग की।
इस अवसर पर उत्तराखंड टाइगर फोर्स के केंद्रीय अध्यक्ष ललित उत्तराखंडी ने कहा कि किसी भी नागरिक की वैध संपत्ति पर अवैध कब्जे का प्रयास कानून के विरुद्ध है और प्रशासन को निष्पक्षता के साथ पूरे मामले की जांच करनी चाहिए। उन्होंने पुलिस प्रशासन से भी शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करने की मांग की।
