आधुनिक कृषि यंत्रों ने बदली किसान बेनी सिंह की तकदीर
रीपर कम बाइंडर बना अतिरिक्त आय और समय बचत का मजबूत माध्यम
अब 6-7 दिन का काम मात्र एक दिन में, लागत घटी और मुनाफा बढ़ा
अपनी खेती के साथ अन्य किसानों को भी मिला लाभ

कृषक बेनी सिंह ने विभागीय विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में उन्नत बीजों की वैज्ञानिक विधि से बुवाई की, जिसके परिणामस्वरूप गेहूं की फसल का उत्पादन अत्यंत संतोषजनक रहा। फसल पकने के बाद रीपर कम बाइंडर मशीन के माध्यम से कटाई कराई गई, जिससे खेती का कार्य पहले की अपेक्षा अधिक सरल, तेज और किफायती हो गया।
उन्होंने बताया कि पहले फसल कटाई के लिए लगभग 1300 रुपये प्रति बीघा खर्च करना पड़ता था तथा पूरी कटाई में 6 से 7 दिन का समय लगता था, जबकि अब मशीन की सहायता से यही कार्य मात्र एक दिन में पूरा हो जाता है। स्वयं के कृषि यंत्र एवं नलकूप सुविधा होने से खेती की लागत में कमी आई है तथा उत्पादन और समय दोनों की बचत हुई है।
रीपर कम बाइंडर मशीन का उपयोग केवल अपनी खेती तक सीमित न रखते हुए बेनी सिंह ने अन्य किसानों की लगभग 120 बीघा फसल की कटाई भी की। इससे उन्हें 900 रुपये प्रति बीघा की दर से कुल 1 लाख 8 हजार रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई।
आज कृषक बेनी सिंह आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर आर्थिक रूप से सशक्त बन रहे हैं और क्षेत्र के अन्य किसानों को भी यंत्रीकृत खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
